Home उत्तराखण्ड ज्योतिर्मठ में सुरक्षा कार्यों पर जन आक्रोश

ज्योतिर्मठ में सुरक्षा कार्यों पर जन आक्रोश

जनप्रतिनिधियों ने लगाया सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

by zerogroundnews

ज्योतिर्मठ में भू-धंसाव के बाद चल रहे सुरक्षात्मक और भूमि स्थलीकरण के कार्यों को लेकर स्थानीय जनता और प्रशासन के बीच तल्खी बढ़ गई है। शुक्रवार को तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में भारी हंगामा देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सुरक्षा कार्यों में भारी लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा जो भूमि स्थलीकरण के कार्य किए जा रहे हैं, वे संतोषजनक नहीं हैं। आरोप है कि विभाग उन स्थानों पर कार्य कर रहा है जहाँ दरारें नहीं हैं, जबकि उन मुख्य क्षेत्रों को पूरी तरह छोड़ दिया गया है जो वर्ष 2023 की आपदा में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे।
जनप्रतिनिधि अतुल सती, भुवन चंद्र उनियाल और कमल रतूडी ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि नरसिंह मंदिर वार्ड, गांधीनगर और सुनील क्षेत्र में किए जा रहे सुरक्षा कार्य मानक के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सिंहधार और मनोहर बाग जैसे इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं, लेकिन विभाग वहां निर्माण कार्य शुरू करने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर बजट ठिकाने लगा रहा है।

बैठक में आक्रोश व्यक्त करते हुए स्थानीय नेताओं ने कहा कि 500 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत से हो रहे इन कार्यों में ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों—प्रकाश नेगी, सुभाष डिमरी, शैलेंद्र पंवार और नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती देवेश्वरी शाह ने मांग की है कि कार्य प्राथमिकता के आधार पर उन क्षेत्रों में किए जाएं जहाँ पूरा नगर क्षेत्र खतरे की जद में है।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मैप के जरिए जनप्रतिनिधियों को भूमि स्थलीकरण की योजना समझानी चाही, लेकिन लोग तकनीकी तर्कों से संतुष्ट नजर नहीं आए। ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता की भावनाओं और उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ही कार्य किया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नगर के अन्य प्रभावित हिस्सों में भी कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इस अवसर पर अतुल सती ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुरक्षात्मक कार्य वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर और प्रभावित क्षेत्रों में सही ढंग से नहीं हुए, तो वर्तमान में चल रहे कार्यों को रोक दिया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि सरकार को भूमि का मुआवजा तय करना चाहिए और जिन लोगों के मकानों का मुआवजा अब तक नहीं मिला है, उन्हें समय रहते भुगतान किया जाए।

इस अवसर पर सभासदों में प्रदीप पंवार, सौरभ राणा, प्रदीप भट्ट, श्रीमती ललिता देवी, श्रीमती राजेश्वरी भंडारी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अमित सती, व्यापार सभा अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, ठाकुर सिंह राणा, रमेश डिमरी, कुशलानंद डिमरी, सचीन ,दीपक कुमार सहित दर्जनों स्थानीय लोग मौजूद रहे।