ज्योतिर्मठ।
चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव जोशीमठ में यातायात को नियंत्रित करने के लिए लागू किया गया ‘गेट सिस्टम’ बुधवार को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है। मई महीने में यात्रा के चरम पर पहुंचने के दौरान जोशीमठ नगर क्षेत्र को भीषण जाम से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा यह सुरक्षात्मक कदम उठाया गया था। अब यात्रा की वर्तमान स्थिति और वाहनों के कम होते दबाव को देखते हुए यातायात की आवाजाही को पूरी तरह सामान्य कर दिया गया है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ दोबारा बढ़ती है या मानसून के कारण कोई आपात स्थिति पैदा होती है, तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए बैकअप प्लान पूरी तरह तैयार रखा गया है।
इस वर्ष बद्रीनाथ धाम और श्री हेमकुण्ड साहिब की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिसके कारण इस विशेष यातायात व्यवस्था को लागू करना पड़ा था। जोशीमठ के थाना प्रभारी डी.एस. रावत ने बताया कि यात्रा सीजन के दौरान वर्तमान में भी हर दिन 25 से 30 हजार श्रद्धालु हर दिन पहुंच रहे थे। लेकिन वर्तमान समय में 18 से 20000 यात्री बद्रीनाथ धाम पहुंच रहे हैं जिसमें ट्रैफिक व्यवस्था पूर्ण रूप से कंट्रोल हो रही है
पूर्व में ट्रैफिक के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोल पंप से लेकर नरसिंह मंदिर मुख्य बाजार और हाथी पर्वत पर ‘गेट सिस्टम’ लागू किया गया था, जिसके तहत वाहनों को किस्तों में आगे भेजा जा रहा था। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जोशीमठ से लेकर मारवाड़ी पुल तक के संकरे मार्ग को पूरी तरह जाम होने से बचाना था। थाना प्रभारी के अनुसार, इस कारगर व्यवस्था से इस वर्ष तीर्थयात्रियों को काफी राहत मिली और उन्हें घंटों लंबे जाम में भूखे-प्यासे नहीं फंसना पड़ा।
थाना प्रभारी डी.एस. रावत ने यात्रा के ऐतिहासिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अब तक बद्रीनाथ धाम में 11.50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि श्री हेमकुण्ड साहिब में 1 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के दबाव को संभालने में गेट सिस्टम मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति सामान्य होने पर इसे हटाया जा रहा है, लेकिन यदि दोबारा जाम की स्थिति बनती है, तो नरसिंह मंदिर के पास वाहनों को रोकने की त्वरित व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही, आगामी बरसात और मानसून के मौसम को देखते हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की पुलिस की प्लानिंग पूरी तरह तैयार है।
दूसरी ओर, जोशीमठ से मारवाड़ी पुल के बीच हर साल लगने वाले इस स्थाई जाम का अगले वर्ष तक मुकम्मल इलाज ढूंढ लिया जाएगा। जोशीमठ के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि वर्ष 2027 की यात्रा शुरू होने से पहले इस पूरे स्ट्रेच को डबल लेन करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा वर्तमान में जीरो बैंड इलाके में सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिसके तुरंत बाद डबल लेन सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
