Home उत्तराखण्ड बदरीनाथ हाईवे पर जाम के बीच देवदूत बनीं स्वास्थ्यकर्मी,

बदरीनाथ हाईवे पर जाम के बीच देवदूत बनीं स्वास्थ्यकर्मी,

बदरीनाथ हाईवे पर जाम के बीच देवदूत बनीं स्वास्थ्यकर्मी,

by zerogroundnews

ज्योतिर्मठ।


बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दिनों लग रहे लंबे और भीषण जाम के कारण आम जनता से लेकर मरीजों तक को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को इस जाम के बीच एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने मानवीय संवेदनाओं और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की एक मिसाल पेश की। ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाणा गांव की रहने वाली एक गर्भवती महिला रजनी देवी रूटीन चेकअप के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ आ रही थीं, लेकिन जोगी धारा के पास लगे लंबे जाम में उनकी गाड़ी फंस गई। इसी दौरान महिला को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा होने लगी। हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारों के कारण एम्बुलेंस या किसी अन्य वाहन का समय पर अस्पताल पहुंचना पूरी तरह असंभव नजर आ रहा था। परिस्थिति को बिगड़ता देख परिजनों ने तुरंत ज्योतिर्मठ स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई।
​सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ की टीम तुरंत एक्शन में आई। जाम की गंभीरता को देखते हुए चार पहिया वाहन से समय पर पहुंचना मुमकिन नहीं था, इसलिए एएनएम मंदाकिनी और सलूड गांव की एएनएम रजनी ने सूझबूझ दिखाई और बिना वक्त गंवाए स्कूटी पर सवार होकर मौके के लिए रवाना हो गईं। जोगीधारा के पास पहुंचकर दोनों एएनएम और स्थानीय आशा कार्यकर्ता आशा देवी ने मोर्चा संभाला। स्वास्थ्य विभाग की इन जांबाज महिला कर्मियों ने बेहद विकट परिस्थितियों के बीच, वाहन मे ही सुरक्षित माहौल तैयार कर महिला का सफल प्रसव कराया। स्वास्थ्य टीम के इस त्वरित निर्णय और साहस की बदौलत रजनी देवी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
​इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ के अधीक्षक डॉ. गौतम ने बताया कि जाम लगने की वजह से महिला का समय पर अस्पताल पहुंच पाना नामुमकिन था, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रसव कराने का सराहनीय फैसला लिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में स्टाफ नर्स रजनी और स्वयं उनके द्वारा जच्चा-बच्चा दोनों का सघन मेडिकल चेकअप किया जा रहा है और दोनों पूरी तरह सुरक्षित व स्वस्थ हैं। सड़क किनारे जाम जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सूझबूझ से नया जीवन बचाने वाली इस स्वास्थ्य टीम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों में स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा निभाया गया यह फर्ज समाज के लिए प्रेरणादायी है।

इस दौरान ज्योर्तिमठ पुलिस के जवानों ने भी ट्रैफिक को क्लियर करके बाद में जच्चे बच्चों को अस्पताल में भर्ती करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई