चमोली
उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध पंच केदारों में से एक, चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट सोमवार को ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ पूरी विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ खोल दिए गए हैं। तय समयानुसार मंदिर के गर्भगृह के कपाट खोले गए, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा रुद्रनाथ’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस पावन और अलौकिक क्षण के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से आए सैकड़ों की संख्या में शिव भक्त धाम में मौजूद रहे।
आपको बता दें कि इस पावन तीर्थ में भगवान शिव के ‘मुख’ यानी आनंद वदन की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दुर्गम और भव्य धाम तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को घने जंगलों और मखमली बुग्यालों के बीच से होकर लगभग 22 किलोमीटर की बेहद कठिन पैदल यात्रा तय करनी पड़ती है।
कपाट खुलने के साथ ही अब आगामी छह महीनों तक भगवान रुद्रनाथ की ग्रीष्मकालीन पूजाएँ इसी भव्य धाम में संपन्न की जाएँगी।
