ज्योर्तिमठ।
पल्ला गांव की 22 वर्षीय उमा देवी को रास्ते में उठी थी प्रसव पीड़ा, आशा और ईएमटी स्टाफ बने देवदूत
बढ़ती तीर्थयात्रियों की संख्या से हाईवे पर लग रहा जाम, पुलिस प्रशासन मुस्तैद
ज्योतिर्मठ। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दिनों तीर्थयात्रियों की भारी आमद के कारण लगातार भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। इस महाजाम की वजह से न सिर्फ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु, बल्कि स्थानीय जनता भी बेहद परेशान है। सोमवार की सुबह इस यातायात व्यवस्था की विफलता के कारण एक गर्भवती महिला की जान आफत में फंस गई। प्रसूता को अस्पताल लाते समय एंबुलेंस जाम के जाल में ऐसी फंसी कि स्वास्थ्य टीम के सामने संकट खड़ा हो गया। हालांकि, 108 आपातकालीन सेवा के स्टाफ ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोशीमठ में जच्चा और बच्चा दोनों उपचाराधीन हैं और डॉक्टरों के अनुसार दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के पल्ला गांव की रहने वाली 22 वर्षीय उमा देवी पत्नी उमेश चंद्र को सोमवार की सुबह अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई उनका यह पहला प्रसव था महिला की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने बिना देर किए आपातकालीन सेवा 108 को सूचित किया। सूचना मिलते ही 108 की टीम तत्परता दिखाते हुए गांव पहुंची और प्रसूता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ के लिए रवाना हुई। मगर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारों और थमे पहियों के कारण एंबुलेंस अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में रुक गई।
ऐसी नाजुक और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को जाम में फंसा देख स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझा। 108 सेवा में तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) प्रिया और एंबुलेंस पायलट आदित्य ने तत्काल मोर्चा संभाला। उनके साथ मौके पर मौजूद आशा कार्यकर्ता विनीता देवी ने भी सहयोग किया। एंबुलेंस को ही अस्थाई प्रसव कक्ष में तब्दील कर पूरी टीम ने कड़ी मशक्कत शुरू की। आखिरकार, सुबह लगभग 9:45 बजे टीम के सामूहिक प्रयासों से महिला का सफल और सुरक्षित प्रसव कराया गया। एंबुलेंस कर्मियों की इस त्वरित कार्यप्रणाली और सूझबूझ के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।
प्रसव संपन्न होने और जाम खुलने के बाद नवजात शिशु और माता को तुरंत ज्योतिर्मठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया। चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. गौतम ने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ और आशा कार्यकर्ता ने बहुत ही सराहनीय काम किया है। उन्होंने पुष्टि की कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं और फिलहाल अस्पताल के डॉक्टरों की विशेष देखरेख में दोनों का नियमित उपचार व स्वास्थ्य परीक्षण चल रहा है।
वहीं, बदरीनाथ हाईवे पर लगातार लग रहे जाम और एंबुलेंस के फंसने की घटना को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्योतिर्मठ कोतवाली के प्रभारी (एसओ) एस. रावत ने बताया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक भारी बढ़ोतरी होने के कारण हाईवे पर दबाव बढ़ा है, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपातकालीन और इमरजेंसी सेवाओं के वाहनों को रास्ता दिलाने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो मौके पर पहुंचकर तत्परता से जाम खुलवाने का काम कर रही है ताकि भविष्य में किसी भी मरीज या आवश्यक सेवा को रुकावट का सामना न करना पड़े।
