दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) एक बार फिर उत्तराखंड के लाल के शौर्य की गवाह बनी है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के पहले महिला पर्वतारोहण अभियान के तहत जोशीमठ के जांबाज पर्वतारोही कपिल राणा ने 21 मई 2026 को अपने 14 सदस्यीय दल के साथ माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक कदम रख दिया। चोटी पर पहुंचते ही पूरा दल ‘जय बद्री विशाल’ के नारों से सराबोर हो उठा, जिससे एवरेस्ट की बर्फीली वादियां गूंज उठीं।
पैनखंडा क्षेत्र के दूसरे एवरेस्ट विजेता बने कपिल
जोशीमठ के मेरग गांव के निवासी कपिल राणा ने यह गौरव हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है। वह पैनखंडा क्षेत्र के दूसरे ऐसे पर्वतारोही बन गए हैं, जिन्होंने एवरेस्ट फतह करने का गौरव प्राप्त किया है। उनकी इस ऐतिहासिक कामयाबी से पूरे चमोली जिले और उत्तराखंड में जश्न का माहौल है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ITBP का ऐतिहासिक कदम
यह अभियान कई मायनों में बेहद खास और ऐतिहासिक है। ITBP द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ाया गया यह पहला महिला पर्वतारोहण अभियान था। इस अभियान का नेतृत्व और हिस्सा बनकर कपिल राणा और उनके 14 सदस्यीय दल ने न सिर्फ दुर्गम परिस्थितियों को मात दी, बल्कि देश की बेटियों के अदम्य साहस को भी दुनिया के सामने पेश किया।
दर्जनों चोटियों को फतह कर चुके हैं कपिल
कपिल राणा का पर्वतारोहण का सफर बेहद शानदार रहा है। एवरेस्ट से पहले भी वे देश-विदेश की दर्जनों दुर्गम चोटियों को सफलतापूर्वक फतह कर चुके हैं। उनके नाम कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:
माउंट कामेट: 02 बार सफल आरोहण
माउंट अभिगामिन: 03 बार सफल आरोहण
अन्य प्रमुख चोटियां: माउंट संतोपंथ, माउंट मुकुट, माउंट काकभूसुंडी (काकसेत), माउंट डोमखांग, माउंट लियो पारगिल और माउंट लाबूचे।
जांबाज रेस्क्यूअर: गृहमंत्री विशेष ऑपरेशन मेडल से हैं सम्मानित
कपिल राणा सिर्फ एक कुशल पर्वतारोही ही नहीं, बल्कि एक बेहद जांबाज रेस्क्यूअर (बचावकर्मी) भी हैं। पहाड़ों में आने वाली आपदाओं के दौरान उन्होंने दर्जनों सफल रेस्क्यू ऑपरेशनों को अंजाम देकर कई लोगों की जानें बचाई हैं। उनकी इस बहादुरी और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है:
भारत सरकार: केंद्रीय “गृहमंत्री विशेष ऑपरेशन मेडल”
उत्तराखंड सरकार: राज्य का प्रतिष्ठित “देवभूमि गौरव पदक”
अंतरराष्ट्रीय सम्मान: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की ओर से “प्रशंसा पदक” एवं “प्रशंसा पत्र”।
कपिल राणा और ITBP के इस दल की सफलता पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, आईटीबीपी के महानिदेशक और स्थानीय प्रशासन ने बधाई दी है। यह सफलता देश के युवाओं और विशेषकर महिला पर्वतारोहियों को नए शिखरों को छूने की प्रेरणा देगी।
