ज्योतिर्मठ।
चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही सीमांत नगर क्षेत्र ज्योतिर्मठ और इसके आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मारवाड़ी से लेकर जोशीमठ और ज्योतिर्मठ से सेलाग-पैनी तक बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों भीषण जाम की चपेट में है। आलम यह है कि पांच से छह किलोमीटर के दायरे में वाहनों का रेला लगा हुआ है। सोमवार को इस अव्यवस्था का सबसे दर्दनाक पहलू तब सामने आया जब जेपी विद्या मंदिर के मासूम स्कूली बच्चे भीषण गर्मी के बीच दो से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे।
बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा क्षेत्र में ‘गेट सिस्टम’ (बारी-बारी से वाहनों को छोड़ने की व्यवस्था) लागू किया गया है। लेकिन यात्रा का दबाव इतना अधिक है कि यह गेट सिस्टम भी पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। भारी लोड के कारण वाहनों की कतारें लगातार लंबी होती जा रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों और सबसे बढ़कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (इमरजेंसी) को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका ज्योतिर्मठ के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह पंवार ने इस गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शासन और कार्यदायी संस्थाओं को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा:
”समय रहते मारवाड़ी से लेकर जोशीमठ तक जिस डबल-लेन सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए था, वह आज भी अधूरा पड़ा है। इसी लापरवाही का खामियाजा आज पूरी जनता भुगत रही है। दूर-दराज के गांवों से आने वाले गंभीर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ने की स्थिति में हैं, क्योंकि एंबुलेंस तक को निकलने की जगह नहीं मिल पा रही है। अगर समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”
उन्होंने शासन-प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि कागजी दावों से इतर धरातल पर यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए ताकि आमजन और तीर्थयात्रियों को इस नरक जैसे जाम से मुक्ति मिल सके।
वहीं कांग्रेस के नगर अध्यक्ष प्रकाश नेगी का कहना है कि पूर्व में जिस तरीके से गेट सिस्टम लागू होता था उसी पर ध्यान देने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि नरसिंह मंदिर से लेकर पेट्रोल पंप तक जहां से सरकारी एंबुलेंस गुजरती है उसे पूरे इलाके को खाली करने की आवश्यकता है… क्योंकि बद्रीनाथ धाम से जब किसी मरीज को लेकर एंबुलेंस आ रही है तो उसे लंबा घूमकर अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है लेकिन वह भी रास्ते में फंस रही है प्रकाश नेगी ने कहा कि अगर समय रहते व्यवस्था ही नहीं सुधरी तो आने वाले समय में बड़ी दिक्कत है सामना करना पड़ सकता है
दूसरी ओर, इस विकट स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन भी लगातार पसीना बहा रहा है। ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी और मारवाड़ी से विष्णुप्रयाग तक के इस ‘क्रिटिकल जोन’ में जाम को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोमवार को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) चमोली मदन सिंह बिष्ट खुद सुबह से ही नेशनल हाईवे पर मोर्चा संभाले नजर आए। सीओ बिष्ट और उनकी टीम चिलचिलाती धूप में घंटों खड़े रहकर वाहनों को सुचारू कराने के प्रयास में जुटी रही।
पुलिस की अपील: धैर्य रखें यात्री
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय जनता और देश-विदेश से आ रहे तीर्थयात्रियों से सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि संकरे मार्ग और भारी ट्रैफिक के कारण दिक्कतें आ रही हैं, ऐसे में सभी चालक धैर्यपूर्वक नियमों का पालन करते हुए यात्रा करें और वाहनों को ओवरटेक करने की कोशिश न करें, जिससे जाम की स्थिति और अधिक गंभीर न हो।
