जोशीमठ/चमोली।
सीमांत जनपद चमोली में जंगलों की धधकती आग अब सीधे तौर पर आम जनजीवन और चारधाम यात्रा की विद्युत व्यवस्था पर भारी पड़ने लगी है। चमोली से कर्णप्रयाग के बीच स्थित मुख्य ६६ केवी विद्युत लाइन पर जंगलों की आग के कारण एक विशालकाय पेड़ टूटकर तारों के ऊपर जा गिरा, जिससे पूरी हाई-टेंशन लाइन में एक बड़ा फॉल्ट आ गया और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। यात्रा सीजन के चरम पर होने के कारण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर वर्तमान समय में पूरे क्षेत्र को सिमली ३३ केवी लाइन से जोड़ दिया है। इस वैकल्पिक लाइन के माध्यम से जोशीमठ मुख्य बाजार से लेकर भगवान बदरीविशाल के धाम बदरीनाथ तक किसी तरह विद्युत सप्लाई पहुंचाई जा रही है। हालांकि, ३३ केवी लाइन की क्षमता कम होने और यात्रा सीजन के चलते लोड अत्यधिक बढ़ जाने के कारण जोशीमठ के नरसिंह मंदिर वार्ड सहित कई प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में भारी विद्युत कटौती का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत संकट और फॉल्ट को लेकर पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित कुमार ने बताया कि विभाग की तकनीकी टीमें और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर डटे हुए हैं और फॉल्ट को जल्द से जल्द दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के साथ-साथ रात अत्यधिक हो जाने की वजह से घने अंधेरे में काम करने में भारी चुनौतियों और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन विभाग की पूरी कोशिश है कि देर रात तक मुख्य ६६ केवी लाइन की मरम्मत कर सप्लाई को पूरी तरह सुचारु कर दिया जाए। दूसरी ओर, जोशीमठ के विद्युत वितरण खंड के जेई आर.एस. पंवार का कहना है कि वर्तमान में चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है, जिसके कारण होटलों, धर्मशालाओं और बाजारों में बिजली की खपत सामान्य से कई गुना अधिक बढ़ चुकी है।
विद्युत अधिकारियों ने तकनीकी मजबूरी को स्पष्ट करते हुए बताया कि यदि इस समय पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई को एक साथ चालू किया जा रहा है, तो सिमली से जोड़ी गई वैकल्पिक ३३ केवी लाइन इस भारी-भरकम लोड को सहन नहीं कर पा रही है और लाइन होल्ड (कोड) नहीं हो रही है। इसी तकनीकी संकट और ओवरलोडिंग से पूरी लाइन को क्रैश होने से बचाने के लिए नरसिंह मंदिर वार्ड समेत कुछ चुनिंदा इलाकों में रोटेशन के आधार पर विद्युत कटौती करने की मजबूरी बनी हुई है। गौरतलब है कि उत्तराखंड के जंगलों में इन दिनों धधक रही वनाग्नि के कारण श्रीनगर से लेकर चमोली और जोशीमठ तक बिछी मुख्य ६६ केवी की विद्युत लाइनों में लगातार इस तरह के फॉल्ट्स आ रहे हैं, जो इस यात्रा सीजन में न सिर्फ ऊर्जा विभाग बल्कि स्थानीय प्रशासन और आम जनता के लिए भी एक बड़ी सिरदर्दी साबित हो रहे हैं।
