Home उत्तराखण्ड ​वनाग्नि प्रबंधन की समीक्षा: वन संरक्षक ने किया फायर क्रू स्टेशनों का निरीक्षण

​वनाग्नि प्रबंधन की समीक्षा: वन संरक्षक ने किया फायर क्रू स्टेशनों का निरीक्षण

दिवंगत फायर वॉचर को दी श्रद्धांजलि

by zerogroundnews

चमोली:
जनपद चमोली में वनाग्नि की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन को लेकर धनपुर वन विश्राम भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वन संरक्षक एवं नोडल फायर डॉ. विनय भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वर्तमान फायर सीजन के दौरान विभागीय तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों और फायर रिस्पॉन्स सिस्टम की प्रभावशीलता की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रियंका सुंडली, उप प्रभागीय वनाधिकारी विकास दरमोडा व जुगल किशोर सहित कई वरिष्ठ वन अधिकारी मौजूद रहे।
​बैठक के दौरान बद्रीनाथ, केदारनाथ वन्यजीव और अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में पिछले तीन से पांच वर्षों के दौरान घटित वनाग्नि घटनाओं का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, वर्ष 2026 में प्राप्त हुए कुल फायर अलर्ट्स, वास्तविक व फॉल्स अलर्ट्स की स्थिति और वनाग्नि से संबंधित पंजीकृत वन अपराधों की भी समीक्षा की गई। वन संरक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और त्वरित रिस्पॉन्स प्रणाली को मजबूत किया जाए ताकि अलर्ट मिलते ही तत्काल आग पर काबू पाया जा सके।
​समीक्षा बैठक के बाद वन संरक्षक डॉ. विनय भार्गव ने जनपद के विभिन्न फायर क्रू स्टेशनों और वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संचार व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और विभागीय अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण किया। निरीक्षण के समय उन्होंने फील्ड स्टाफ और फायर वॉचर्स से सीधा संवाद कर धरातल पर आने वाली चुनौतियों और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
​इसके उपरान्त, वन संरक्षक ने बद्रीनाथ वन प्रभाग की चमोली रेंज के अंतर्गत उस दुखद घटना स्थल का भी दौरा किया, जहाँ बीती 20 मई को वनाग्नि नियंत्रण कार्य के दौरान फायर वॉचर श्री राजेन्द्र सिंह का निधन हो गया था। उन्होंने घटना की परिस्थितियों का जायजा लिया और दिवंगत कर्मचारी की कर्तव्यनिष्ठा, साहस एवं समर्पण को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
​अंत में, डॉ. विनय भार्गव ने सख्त निर्देश जारी किए कि वनाग्नि नियंत्रण कार्यों में लगे समस्त फील्ड कार्मिकों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कठिन और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण, बेहतर संचार साधन और उचित समन्वय व्यवस्था उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया, ताकि फील्ड स्टाफ का मनोबल और सुरक्षा दोनों सुदृढ़ बनी रहे।