चमोली।
मानसून की फुहारों के बीच विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी इस वर्ष पर्यटन के मामले में नए कीर्तिमान बना रही है। घाटी इस समय अपने पूरे यौवन पर है। चारों तरफ हरी-भरी पहाड़ियों, कल-कल बहते प्राकृतिक झरनों और 500 से अधिक प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूलों ने घाटी की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा दिया है।
वन क्षेत्र अधिकारी चेतना कांडपाल के अनुसार अगस्त का पहला और दूसरा पखवाड़ा घाटी में फूल खिलने का चरम समय माना जाता है और इस बार मौसम भी लगातार साथ दे रहा है। इसी का परिणाम है कि पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार अभी तक घाटी में कुल 18,856 पर्यटक पहुंच चुके हैं। इनमें 122 विदेशी सैलानी भी शामिल हैं। यह संख्या पिछले वर्ष 2025 की इसी अवधि के 15,924 पर्यटकों से करीब 3 हजार अधिक है। अधिकारी ने बताया कि इस बार सबसे बड़ी राहत यह रही कि लगातार बारिश के बावजूद भूस्खलन और खराब मौसम के कारण घाटी को बार-बार बंद नहीं करना पड़ा। इससे पर्यटकों की आवाजाही सुचारू बनी रही और स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा हुआ।
फिलहाल घाटी में ब्रह्मकमल, नीला पोस्त, एनीमोन सहित दुर्लभ प्रजातियों के फूल खिले हुए हैं। हरियाली और फूलों की चादर से ढकी घाटी सैलानियों को सम्मोहित कर रही है। वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे घाटी की जैव विविधता को नुकसान न पहुंचाएं और निर्धारित मार्ग पर ही चलें।
