चारधाम यात्रा के बीच BKTC कर्मचारियों ने खोला मोर्चा; लंबे समय से रुकी पदोन्नति को लेकर अध्यक्ष को लिखा पत्र
ज्योतिर्मठ।
उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा वर्तमान में अपने पूरे शबाब पर है, लेकिन इसी बीच यात्रा व्यवस्थाओं की रीढ़ माने जाने वाले श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के भीतर असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं। मंदिर समिति के ‘कर्मचारी संघ’ ने अपनी लंबे समय से लंबित पदोन्नति की मांग को लेकर समिति के अध्यक्ष को एक औपचारिक पत्र प्रेषित कर अपना विरोध दर्ज कराया है। कर्मचारियों का कहना है कि यात्रा के सफल संचालन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, परंतु विभाग उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहा है।
कर्मचारी संघ द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदुओं के अनुसार, समिति में वर्ष 2022 से अब तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि 17 फरवरी 2026 को जोशीमठ कार्यालय में आयोजित उप-समिति की बैठक में पदोन्नति के संबंध में स्पष्ट अनुशंसा की गई थी। इसके बावजूद, कई महीने बीत जाने के बाद भी शासन या प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कर्मचारियों को अपनी भविष्य की प्रगति को लेकर चिंता सताने लगी है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यात्रा सीजन के चुनौतीपूर्ण समय में कर्मचारी दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन करियर में ठहराव आने के कारण उनके मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि ‘मंदिर सेवा नियमावली’ के अनुरूप तत्काल विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) का पुनर्गठन किया जाए और अनुभवी अधिकारियों व कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से प्रोन्नति का लाभ दिया जाए। कर्मचारियों का तर्क है कि समय पर पदोन्नति मिलना उनका अधिकार है, जो न केवल उनके उत्साह को बढ़ाएगा बल्कि मंदिर कार्यों के प्रति उनके समर्पण को भी और मजबूती देगा।
विशेषज्ञों और क्षेत्रीय जानकारों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन मांगों पर विचार नहीं किया, तो इसका सीधा असर चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन पर पड़ सकता है। मंदिर समिति के कर्मचारी ही यात्रियों की दर्शन व्यवस्था, मंदिर प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी संभालते हैं। ऐसे में यात्रा के पीक सीजन के दौरान कर्मचारियों की यह नाराजगी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
