(चमोली):
उत्तराखंड में साल 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। सीमांत जनपद चमोली की हॉट सीट मानी जाने वाली बद्रीनाथ विधानसभा सीट से इस बार महिला सशक्तिकरण और जमीनी पकड़ का एक नया चेहरा मजबूती से उभर रहा है। राजनैतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेत्री और प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती चंद्रकला तिवारी को साल 2027 के विधानसभा चुनाव में बद्रीनाथ सीट से एक सशक्त महिला प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। 2003 से लगातार भाजपा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने सांगठनिक स्तर पर जो अमिट छाप छोड़ी है, उसी का परिणाम है कि आज वे इस रेस में सबसे आगे नजर आ रही हैं।
मूल रूप से कर्णप्रयाग के नौली गांव में जन्मीं और वर्तमान में मंदिर मार्ग, गोपेश्वर की निवासी चंद्रकला तिवारी (शैक्षणिक योग्यता- स्नातक, राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग) का राजनैतिक जीवन पार्टी के प्रति निष्ठा और निरंतर संघर्ष की अनूठी मिसाल है। उनके सांगठनिक सफर पर नजर डालें तो:
शुरुआत (2003): भारतीय जनता पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कदम रखा।
सांगठनिक पद: 2004 से 2006 तक नगर उपाध्यक्ष (महिला मोर्चा), 2007 से 2009 तक नगर मंडल गोपेश्वर की महामंत्री और 2010 से 2012 तक महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष (गोपेश्वर) रहीं।
जिला और प्रदेश में कद: 2013 से 2015 तक महिला मोर्चा की जिला महामंत्री, 2015 से 2018 तक चमोली जिले की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की जिला संयोजक और 2017 से 2019 तक महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में पूरे उत्तराखंड में काम किया।
नेतृत्व क्षमता: 2019 से 2021 तक महिला मोर्चा की जिला कार्यकारी अध्यक्ष, 2021 से 2023 तक जिला अध्यक्ष (महिला मोर्चा, जनपद चमोली) और हाल ही में 2023 से 2026 तक महिला मोर्चा की गढ़वाल संयोजक के रूप में उन्होंने पूरे गढ़वाल मंडल में संगठन को अभूतपूर्व मजबूती दी है।
पुरस्कार और सम्मान: सामाजिक सरोकारों से गहरा नाता
चंद्रकला तिवारी सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक सजग पर्यावरणविद और समाजसेविका भी हैं। उनके द्वारा समाज में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें कई बड़े सम्मानों से नवाजा जा चुका है:
राज्य स्वच्छता गौरव सम्मान (2017): स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए राज्य सरकार द्वारा सम्मानित।
पर्यावरण संरक्षण अवार्ड (2018): हिमालयी पर्यावरण और प्रकृति को बचाने के संकल्प के लिए मिला।
राज्य स्तरीय तीलू रौतेली पुरस्कार (2020-21): उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर मिलने वाले इस सर्वोच्च महिला सम्मान ने उनके नेतृत्व को राज्य स्तर पर पहचान दी।
कोरोना वारियर प्रमाण पत्र (2020): वैश्विक महामारी के दौर में अपनी जान की परवाह किए बिना धरातल पर जनता की सेवा करने के लिए सम्मानित।
2027 के लिए क्यों मजबूत है दावा?
बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में किसी ऐसे चेहरे की तलाश है जो स्थानीय हो, जिसकी जनता के बीच सीधी पैठ हो और जिसका सांगठनिक रिकॉर्ड बेदाग हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्टी अगर महिला कार्ड खेलती है, तो 23 सालों से संगठन की अग्रिम पंक्ति में रहकर नेतृत्व करने वाली चंद्रकला तिवारी से बेहतर और जिताऊ विकल्प कोई दूसरा नहीं हो सकता। इस सुगबुगाहट ने क्षेत्र के सियासी समीकरणों को पूरी तरह गरमा दिया है।
