ज्योतिर्मठ।
मंगलवार को नृसिंह मंदिर एवं देव पूजाई समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंदिर परिसर में आयोजित की गई। इस बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने और स्थानीय महिला मंगल दलों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक में मुख्य रूप से मंदिर में चढ़ाई जाने वाली तुलसी मालाओं की बिक्री को लेकर कड़ा निर्णय लिया गया। समिति ने यह तय किया है कि नृसिंह मंदिर में चढ़ाई जाने वाली तुलसी की मालाएं अब केवल स्थानीय महिला मंगल दलों द्वारा ही तैयार और विक्रय की जाएंगी। किसी भी बाहरी व्यक्ति या संस्था को मंदिर परिसर या उसके आस-पास तुलसी माला बेचने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई बाहरी व्यक्ति माला बेचते हुए पाया जाता है, तो उसकी माला जब्त कर नष्ट कर दी जाएगी और उस पर 1100 रुपये का आर्थिक दंड (जुर्माना) भी लगाया जाएगा।
इसके साथ ही समिति ने निर्देश दिया है कि नृसिंह मंदिर क्षेत्र में स्थित जो भी दुकानदार पूजा सामग्री बेचते हैं, वे भी केवल इन्हीं महिला मंगल दलों से ही मालाएं खरीदेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों से भी 1100 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोई भी किरायेदार तुलसी माला का विक्रय नहीं करेगा, यह अधिकार केवल स्थानीय लोगों के पास ही सुरक्षित रहेगा।
बैठक की अध्यक्षता देव पूजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबुदरी द्वारा की गई। इस अवसर पर महिला मंगल दल नृसिंह मंदिर की अध्यक्ष श्रीमती सुमति राणा और श्रीमती संगीता कंवाण सहित दीपा शाह, सरिता नम्बूरी, अंजना, बीना पंवार, प्रमिला, संतोषी डिमरी और ऊषा देवी सहित दर्जनों सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने मंदिर की गरिमा और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने वाले इन निर्णयों का समर्थन किया।
