लंगासू ।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंगासू मुख्य बाजार क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की कछुआ चाल और कार्यदायी संस्था की लापरवाही स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। सड़क की खस्ताहाली, जगह-जगह मलबे के ढेर और अधूरे पड़े कार्यों से आक्रोशित ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी (कर्णप्रयाग), जिला पंचायत उपाध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था NHIDCL द्वारा किया जा रहा निर्माण कार्य मानकों के विपरीत और जोखिम भरा है। मुख्य बाजार में बेतरतीब सड़क कटिंग को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे पहाड़ी से पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के समीप सड़क पर बना गहरा गड्ढा दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहाँ पूर्व में कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सोया है।
राजमार्ग पर नालियों का उचित प्रबंधन न होने के कारण बारिश का पानी और कीचड़ सीधे लोगों के घरों व दुकानों में घुस रहा है। सबसे बदतर स्थिति राजकीय इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय लंगासू** के पास है, जहाँ मुख्य गेट पर जलभराव होने से मासूम छात्रों को आवाजाही में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, ‘लकी रेस्टोरेंट’ के सामने सड़क पर फैला मलबा महीनों से नहीं हटाया गया है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
वर्तमान में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। बदरीनाथ धाम जाने वाले हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। बदहाल सड़क न केवल स्थानीय व्यापारियों के व्यवसाय को प्रभावित कर रही है, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि संस्था को बार-बार आगाह करने के बावजूद कार्य में कोई तेजी नहीं आई है।
ज्ञापन सौंपने और विरोध प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से यशवंत सिंह असवाल ,कैलाश खंडूरी (अध्यक्ष, जिला वन पंचायत सरपंच),आशीष डिमरी (उपाध्यक्ष, व्यापार सभा लंगासू), धीरेंद्र सिंह नेगी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व व्यापारी शामिल रहे।
