चमोली। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के बदलते मिजाज के बीच रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE), चंडीगढ़ ने चमोली जनपद सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन (एवलांच) की प्रबल संभावना जताई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के अनुसार, 29 और 30 जनवरी की शाम तक के लिए जनपद को ‘डेंजर लेवल-3’ की श्रेणी में रखा गया है, जो बेहद संवेदनशील स्थिति को दर्शाता है। इस गंभीर चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अगले 24 घंटों तक बर्फीले और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से पूरी तरह परहेज करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन हर परिस्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आम जनता से अफवाहों से बचने और आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया गया है ताकि किसी भी संभावित जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।
