ज्योतिर्मठ।
रंगों के त्योहार होली से ठीक पहले ज्योतिर्मठ के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही सुरक्षात्मक कार्यों की मांग के बीच, अब नगर क्षेत्र में भूमि सुदृढ़ीकरण (Land Stabilization) का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा ज्योतिर्मठ के प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर मार्ग पर स्थलीकरण का काम शुरू करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों से स्थानीय जनता क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रही थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार ने लगभग 1600 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इन कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करते आये है
योजना के पहले चरण के तहत मारवाड़ी पुल से विष्णुप्रयाग तक अलकनंदा नदी के तट पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है.। अब दूसरे चरण के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में भूमि स्थलीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है, जिससे भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में भविष्य की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।
ज्योतिर्मठ के उप जिला अधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने पूर्व में भी अवगत कराया था कि इस क्षेत्र में यात्रा से पहले सुरक्षात्मक कार्य पूरा करना प्रशासन का लक्ष्य है क्योंकि 23 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट खुल रहे हैं ऐसे में 15 अप्रैल तक इस क्षेत्र में होने वाले भूमि स्थलीकरण के सभी कार्य पूर्ण कर दिया जाएंगे उन्होंने कहा कि लगभग एक महीने तक इस क्षेत्र में सड़क मार्ग यातायात के लिए बंद रहेगा ताकि सुरक्षात्मक कार्य तेजी के साथ किया जा सके…
