Home » Blog » बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार,

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार,

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

by zerogroundnews

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आगामी यात्रा सीजन की तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) विजय प्रसाद थपलियाल ने मंगलवार देर शाम भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया। आगामी 23 अप्रैल को धाम के कपाट खुलने की तिथि को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर कमर कस ली है।
मैराथन निरीक्षण के बाद बदरीनाथ पहुंचे सीईओ
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि मुख्य कार्याधिकारी थपलियाल 13 फरवरी से ही लगातार प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पड़ावों का जायजा ले रहे हैं। ऋषिकेश से शुरू होकर टिहरी, देवप्रयाग, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग होते हुए उन्होंने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के कार्यक्रम में भी शिरकत की। इसके पश्चात उखीमठ, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और ज्योर्तिमठ के विश्राम गृहों व व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए वे मंगलवार शाम बदरीनाथ धाम पहुंचे।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस
धाम में सीईओ ने मंदिर परिसर, सिंहद्वार, तप्तकुंड, गांधी घाट और आईएसबीटी स्थित स्वागत कार्यालय का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने शीतकाल में तैनात सुरक्षाबलों (ITBP, पुलिस, SDRF) और मंदिर समिति के स्वयंसेवकों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी और अन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शीतकाल के कारण विश्राम गृहों और शौचालयों में जो भी टूट-फूट हुई है, उसकी मरम्मत और पेंटिंग का कार्य समय रहते पूरा कर लिया जाए। यात्रियों के लिए बिस्तरों की उपलब्धता, पेयजल और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता में रखा गया है।
ज्योर्तिमठ में उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में अहम बैठक
निरीक्षण के बाद बुधवार को ज्योर्तिमठ (जोशीमठ) कार्यालय सभागार में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण यात्रा बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) और दर्शन व्यवस्था को इस बार और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। सीईओ थपलियाल ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा शुरू होते ही देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान कुलदीप भट्ट, दर्शन सिंह कोटवाल, मोहन सिंह राणा, दिनेश रावत, पान सिंह सहित पुनर्निर्माण एजेंसियों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।