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UCC के तहत एक वर्ष में 4.74 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण

by zerogroundnews

देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के साथ ही आगामी 27 जनवरी को इसके एक वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकारों की सुरक्षा और नागरिक अधिकारों में समानता स्थापित करने के साथ-साथ UCC का सबसे बड़ा प्रभाव प्रक्रियाओं के सरलीकरण और डिजिटलीकरण के रूप में सामने आया है।

UCC लागू होने के एक साल से भी कम समय में 4,74,447 विवाहों का पंजीकरण किया जा चुका है। अब पति-पत्नी देश या दुनिया में कहीं से भी ऑनलाइन माध्यम से विवाह पंजीकरण करवा पा रहे हैं।

UCC लागू होने से पहले विवाह पंजीकरण ‘उत्तराखंड विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2010’ के तहत होता था, जो पूरी तरह ऑफलाइन प्रक्रिया थी। उस समय दंपती को दो गवाहों के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य था। इसके विपरीत, UCC के तहत लगभग शत-प्रतिशत विवाह पंजीकरण ऑनलाइन हो रहे हैं, जिसमें दंपती और गवाह वीडियो बयान एवं दस्तावेज़ अपलोड कर कहीं से भी आवेदन कर सकते हैं।

सोमवार, 19 जनवरी 2026 की दोपहर तक 4,74,447 विवाह पंजीकरण पूरे हो चुके हैं। इस तरह प्रतिदिन औसतन करीब 1400 विवाह पंजीकरण हो रहे हैं, जबकि पुराने अधिनियम के तहत यह संख्या औसतन 67 प्रतिदिन थी।

UCC में विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की अधिकतम समय-सीमा 15 दिन निर्धारित की गई है, लेकिन व्यवहार में औसतन पांच दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी हो रहा है। पुराने कानून में न तो कोई निश्चित समय-सीमा थी और न ही पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड ने UCC लागू कर देश को एक नई दिशा दी है। बीते एक वर्ष में जिस पारदर्शिता और सरलता के साथ इसके प्रावधान लागू किए गए हैं, उससे आमजन का विश्वास बढ़ा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग UCC के तहत पंजीकरण करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता हर दृष्टि से एक मॉडल कानून के रूप में उभरी है।