चमोली जनपद के सीमांत क्षेत्र ज्योर्तिमठ -पैनखंडा को केंद्रीय ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) सूची में शामिल करने की मांग अब देश के सर्वोच्च सदन तक पहुँच गई है। मंगलवार को राज्यसभा में शून्य काल के दौरान उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को देखते हुए पैनखंडा क्षेत्र को जल्द से जल्द केंद्रीय ओबीसी का दर्जा प्रदान किया जाए।
सांसद महेंद्र भट्ट ने सदन को अवगत कराया कि स्थानीय निवासियों की लंबे समय से यह मांग रही है कि उन्हें केंद्रीय सेवाओं में भी ओबीसी आरक्षण का लाभ मिले। उन्होंने तर्क दिया कि यदि इस क्षेत्र को केंद्रीय सूची में स्थान मिलता है, तो यहाँ के प्रतिभाशाली युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 27% आरक्षण का सीधा लाभ मिल सकेगा, जिससे उनके रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
स्थानीय जनता में खुशी की लहर
सांसद द्वारा राज्यसभा में आवाज उठाए जाने के बाद पैनखंडा क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार से इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की है।
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अमित सती और महामंत्री समीर डिमरी ने कहा कि सांसद महेंद्र भट्ट ने क्षेत्र की जनता की भावनाओं को सही मंच पर रखा है। वहीं, रविग्राम सभासद प्रवेश डिमरी, सभासद सौरभ राणा, और सुनील पंवार ने संयुक्त रूप से कहा कि पैनखंडा क्षेत्र को पिछड़ा वर्ग में शामिल करना यहाँ के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इन नेताओं ने जताई खुशी
इस अवसर पर महावीर सिंह बिष्ट, कन्हैया बैजवाड़ी, विजय कपरुवांण समेत कई स्थानीय नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र होने के नाते यहाँ के युवाओं के पास संसाधनों की कमी है, ऐसे में ओबीसी का दर्जा मिलने से उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि राज्यसभा में मुद्दा उठने के बाद अब केंद्र सरकार इस पर त्वरित और सकारात्मक निर्णय लेगी।
