चमोली। उत्तराखंड की बेटियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए देवभूमि का मान बढ़ाया है। कर्नाटक के मेंगलोर में आयोजित 85वीं ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चमोली जनपद के वाण गांव की होनहार धाविका भागीरथी बिष्ट ने हाफ मैराथन (21 किमी) में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
‘फ्लाइंग गर्ल’ के नाम से देशभर में पहचान बना चुकी 24 वर्षीय भागीरथी ने अदम्य साहस, जबरदस्त सहनशक्ति और बेहतरीन रेस रणनीति का प्रदर्शन करते हुए मात्र 1 घंटा 21 मिनट में दौड़ पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तराखंड का दबदबा साफ नजर आया—जहां स्वर्ण पदक भागीरथी के नाम रहा, वहीं पिथौरागढ़ की माया ने रजत पदक जीतकर प्रदेश की उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ा।
अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक एवं कोच सुनील शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही भागीरथी इससे पहले ईरान की अंतरराष्ट्रीय मैराथन में भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। वर्तमान में वे पौड़ी स्थित रासी स्टेडियम में कड़ी मेहनत और अनुशासित अभ्यास के साथ अपने अगले लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं।
भागीरथी का सपना ओलंपिक खेलों में देश के लिए तिरंगा फहराना है, और उनकी मौजूदा उपलब्धियां इस सपने को साकार करने की मजबूत बुनियाद साबित हो रही हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर देवाल क्षेत्र, चमोली जनपद और पूरे उत्तराखंड में खुशी और गर्व का माहौल है। खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने इसे उत्तराखंड के खेल इतिहास का स्वर्णिम क्षण बताते हुए विश्वास जताया है कि भागीरथी की यह उड़ान एक दिन ओलंपिक के मंच तक जरूर पहुंचेगी।
