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​बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत व्यवस्थाएं चाक-चौबंद, पहली बार यात्रियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

सुरक्षा घेरे में बद्री विशाल: पुलिस उपाधीक्षक और एलआईयू निरीक्षक ने जांचीं सुरक्षा व्यवस्थाएं

by zerogroundnews

भू बैकुंठ धाम भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की तिथि जैसे-जैसे समीप आ रही है, वैसे-वैसे धाम में तैयारियों की सरगर्मी तेज हो गई है। कपाट खुलने में अब केवल 12 दिनों का समय शेष है, जिसे देखते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस वर्ष की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक होने वाली है, क्योंकि मास्टर प्लान के तहत धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। जहाँ एक ओर बुनियादी ढांचे को नया रूप दिया गया है, वहीं पहली बार श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर के बाहर आधुनिक शूज काउंटर और क्लॉक रूम की व्यवस्था की गई है। मर्यादा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार मंदिर के भीतर मोबाइल ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जिसके लिए यात्रियों को अपने फोन निर्धारित काउंटरों पर जमा करने होंगे।
​प्रशासनिक स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। मास्टर प्लान के निर्माण कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइनों में से लगभग 80 प्रतिशत को बहाल कर लिया गया है। धाम के सौंदर्यीकरण और मंदिर के रंग-रोगन का कार्य भी पूर्णता की ओर है, जिससे पूरी बद्रीपुरी अपने आराध्य के स्वागत के लिए दिव्य और भव्य नजर आने लगी है। अधिकारियों का दावा है कि अगले चार दिनों के भीतर सभी पैदल मार्गों को सुगम बना दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
​हालांकि, इन तैयारियों के बीच शनिवार को व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने पीआईयू (PIU) और निर्माणदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों में हो रही लापरवाही को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उपाध्यक्ष ने विशेष रूप से ब्रह्म कपाल से लेकर तप्त कुंड तक अलकनंदा नदी के किनारे जमा किए गए मलबे और पत्थरों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते नदी के बहाव क्षेत्र को साफ नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर तप्त कुंड और ब्रह्म कपाल जैसे पवित्र स्थलों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
​निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें जमीनी हकीकत से अवगत कराया और अव्यवस्थाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन यात्रा व्यवस्थाओं की बारीकी से निगरानी कर रहा है और एक सप्ताह के भीतर सभी पैदल रास्तों व अन्य मूलभूत सुविधाओं को शत-प्रतिशत दुरुस्त कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं जल्द ही धाम पहुंचकर कार्यों का अंतिम निरीक्षण करेंगे। मंदिर समिति की इस सख्ती और प्रशासन की सक्रियता से स्पष्ट है कि इस बार चारधाम यात्रा को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सुगम और सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया गया है।

सुरक्षा घेरे में बद्री विशाल: पुलिस उपाधीक्षक और एलआईयू निरीक्षक ने जांचीं सुरक्षा व्यवस्थाएं

भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने से पूर्व धाम की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए शनिवार को पुलिस और खुफिया विभाग के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मदन सिंह बिष्ट और एलआईयू (LIU) निरीक्षक सूरत चौहान ने संयुक्त रूप से बद्रीनाथ धाम का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, तप्त कुंड, ब्रह्म कपाल, साकेत चौराहा और माणा चौराहा जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का स्थलीय जायजा लिया। इस दौरान उन स्थानों को चिह्नित किया गया जहाँ यात्रा के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और पैनी नजर रखने की आवश्यकता है।

निरीक्षण के बाद पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि धाम में सुरक्षा इंतजामों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। वर्तमान में पुलिस के जवानों की तैनाती शुरू कर दी गई है और 16 तारीख के बाद भारी संख्या में पुलिस बल बद्रीनाथ धाम पहुंच जाएगा। कपाट खुलने तक पूरी फोर्स अपनी-अपनी चौकियों और ड्यूटी पॉइंट्स पर तैनात हो जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थित दर्शन पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए मंदिर के प्रवेश द्वारों से लेकर मुख्य चौराहों तक सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार किया जा रहा है।

इस अवसर पर जोशीमठ के उप जिला अधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित बद्रीनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी संदीप कपरुंवाण, कुलदीप भट्ट आदि मौजूद रहे..