Home » Blog » बिरही में सजेगी जनजातीय संस्कृति की महफिल

बिरही में सजेगी जनजातीय संस्कृति की महफिल

द्वितीय जनजाति समागम' का भव्य आयोजन 19 फरवरी से

by zerogroundnews

चमोली जनपद में एक बार फिर से भोटिया जनजाति समागम कार्यक्रम की शुरुआत शुरू हो गई है बताते चलेगी जनपद चमोली के बिरही स्थित भोटिया पड़ाव, वेडुबगड़ में आगामी 19 से 21 फरवरी 2026 तक ‘द्वितीय जनजाति समागम 2025-26’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। नीति माणा जनजाति कल्याण समिति द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम स्व. दीवान सिंह खाती जी को समर्पित है। इस समागम का मुख्य उद्देश्य जनजाति समाज की एकता को सुदृढ़ करना तथा उनकी समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण व संवर्धन करना है।
नीति माणा जनजातीय कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश परमार ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तीन दिन की धूम रहेगी समागम के तीनों दिन उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायकों और स्थानीय महिला मंगल दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
19 फरवरी को पहले दिन जगदीश नैथवाल और संदीप नैथवाल अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। साथ ही फरकिया, तोलमा, सुभाई और रैणी चक जैसे गांवों के महिला मंगल दल सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

20 फरवरी को दूसरे दिन प्रसिद्ध लोक गायक किशन महिपाल मुख्य आकर्षण होंगे। इस दिन कोषा, लाता, परसारी और जुम्मा सहित कई क्षेत्रों की सांस्कृतिक टोलियां शिरकत करेंगी।

21 फरवरी को समापन अवसर पर लोक गायक प्रतीक काला और हास्य कलाकार सुरेंद्र कमांडर दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इस दिन कागा, गरपक, मलारी और माणा जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के महिला मंगल दल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। सभी गांव की महिला मंगल दल वर्तमान समय में कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी कर रही है पारंपरिक लोकगीतों की तैयारी हो रही है

इस दौरान सम्मान और निःशुल्क चिकित्सा शिविर
सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ यह समागम सामाजिक सरोकारों और जनजातीय विकास पर भी केंद्रित रहेगा। कार्यक्रम के दौरान जनजाति समाज द्वारा किए गए अभिनव प्रयासों पर चर्चा की जाएगी और समाज की विभिन्न समस्याओं व उनके समाधान के सुझावों पर विचार-विमर्श होगा। शनिवार, 21 फरवरी को समाज की प्रतिष्ठित और प्रतिभावान विभूतियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

अंतिम दिन (21 फरवरी) सत्यपाल वाही अस्पताल, ONGC देहरादून के सौजन्य से प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक निःशुल्क बहु-विशेषता चिकित्सा शिविर (मेडिकल कैंप) का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।