नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल ने बीकेटीसी में वर्ष 2012 से 2017 के मध्य तत्कालीन अध्यक्ष एवं वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यकाल से जुड़े मामलों की जांच को लेकर राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामला कथित अवैध नियुक्तियों, दान और मंदिर के धन के दुरुपयोग, भर्ती प्रक्रिया और वित्तीय नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है।
हाईकोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बावजूद अब तक जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस प्रकरण में अगली सुनवाई 16 फरवरी को निर्धारित की गई है।
शनिवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने देहरादून निवासी अमित कुमार शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। इससे पूर्व आठ जनवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था। इसके बाद न्यायालय ने सरकार को चार सप्ताह का अंतिम अवसर प्रदान किया।
याचिका में मांग की गई है कि गणेश गोदियाल के अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान बदरी-केदार मंदिर समिति में हुई कथित अवैध नियुक्तियों एवं वित्तीय अनियमितताओं की व्यापक जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति या विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए। इसके साथ ही गढ़वाल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों एवं व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं आपराधिक कार्रवाई के आदेश पारित करने की भी प्रार्थना की गई है।
